इंतज़ार शायरी (Intezaar Shayari) उन दिलों की आवाज़ है जो किसी अपने का बेसब्री से इंतज़ार करते हैं। जब कोई खास हमारी यादों में बस जाता है, तो वक्त जैसे ठहर-सा जाता है। इंतज़ार में तड़प, मोहब्बत में गहराई और जज़्बातों में एक खास मिठास होती है। इस पेज पर हम आपके लिए लेकर आए हैं बेहतरीन Intezaar Shayari in Hindi, जो आपके दिल के एहसासों को बयां करने में मदद करेंगी। चाहे वो किसी का लौटकर आने का इंतज़ार हो या किसी अधूरी मोहब्बत की याद — हर Intezaar Shayari आपको दिल से छू जाएगी।
2 Line Intezaar Shayari in Hindi
बस यूँ ही उम्मीद दिलाते हैं ज़माने वाले,
कब लौट के आते हैं छोड़ कर जाने वाले।
दिल जलाओ या दिए आँखों के दरवाज़े पर,
वक़्त से पहले तो आते नहीं आने वाले।
तमाम उम्र तेरा इंतज़ार कर लेंगे,
मगर ये रंज रहेगा कि ज़िंदगी कम है।
एक मुलाक़ात की आस में मैं ज़िंदगी गुज़ार लूंगा,
तुम हां तो कहो तुम्हारे लिए उम्र भर इंतज़ार करूंगा।
उसे भुला दे मगर इंतज़ार बाकी रख,
हिसाब साफ न कर कुछ हिसाब बाकी रख।
ये इंतज़ार न ठहरा कोई बला ठहरी,
किसी की जान गई आपकी अदा ठहरी।
ये आँखे कुछ तलाशती रहती हैं,
कोई तो है जिस का इन्हें इंतजार है।
रात भर जागते रहने का सिला है शायद,
तेरी तस्वीर सी महताब में आ जाती है।
न कोई वादा न कोई यक़ीं न कोई उम्मीद,
मगर हमें तो तेरा इंतज़ार करना था।
कमाल-ए-इश्क़ तो देखो वो आ गए लेकिन,
वही है शौक़ वही इंतज़ार बाक़ी है।
ये इंतज़ार सहर का था या तुम्हारा था,
दिया जलाया भी मैंने दिया बुझाया भी।
कभी किसी का जो होता था इंतज़ार हमें,
बड़ा ही शाम-ओ-सहर का हिसाब रखते थे।
Intezaar Shayari Love
तेरे इंतजार में कब से उदास बैठे हैं,
तेरे दीदार में आँखे बिछाये बैठे हैं,
तू एक नजर हम को देख ले बस,
इस आस में कब से बेकरार बैठे हैं।
चले भी आओ कि हम तुमसे प्यार करते हैं,
ये वो गुनाह है जो हम बार-बार करते हैं,
लोग मौत तक तकते हैं राह दिलदार की,
हम हैं कि क़ब्र में भी तेरा इंतज़ार करते हैं।
जीने की ख्वाइश में हर रोज़ मरते हैं,
वो आये न आये हम इंतज़ार करते हैं,
जूठा ही सही मेरे यार का वादा,
हम सच मानकर ऐतबार करते हैं।
खुद हैरान हूँ मैं अपने सब्र का पैमाना देख कर,
तूने याद भी ना किया,
और मैंने इंतज़ार नहीं छोड़ा।
कल भी तुम्हारा इंतज़ार था,
आज भी तुम्हारा इंतज़ार है,
और हमेशा तुम्हारा ही इंतज़ार रहेगा।
लाश को मैंने अपनों के लिए इंतज़ार करते देखा है,
यकीन मानो, हस्ते खिलते परिवार को मैंने
टूटते बिखरते देखा है।
कुछ बातें करके वो हमें रुला के चले गए,
हम न भूलेंगे यह एहसास दिला के चले गए,
आयेंगे कब वो अब तो यह देखना है उम्र भर,
बुझ रही है आग जिसे वो जला कर चले गए।
आज चांद को
देखकर ऐसा लगा जैसे
किसी के इंतजार में
खुद को ही भूल गया है वो ।
मुझको अब तुझ से मोहब्बत नहीं रही,
ऐ ज़िन्दगी तेरी भी मुझे ज़रूरत नहीं रही,
बुझ गये अब उसके इंतज़ार के वो दीये,
कहीं आस-पास भी उस की आहट नहीं रही।
एक रात वो गया था जहाँ बात रोक के,
अब तक रुका हुआ हूँ वहीं रात रोक के।
अपना समझकर की थी,
मैंने जिनसे मोहब्बत,
वही जिंदगी भर की तन्हाई,
देकर दूर चली गई।
इंतजार शायरी दो लाइन (Intezaar Shayari)
मुद्दत हुई पलक से पलक आशना नहीं,
क्या इससे अब ज्यादा करे इंतज़ार चश्म।
तमाम रात मेरे घर का एक दर खुला रहा,
मैं राह देखता रहा वो रास्ता बदल गया।
कभी तो चौंक के देखे कोई हमारी तरफ़,
किसी की आँख में हमको भी इंतज़ार दिखे।
जो तेरी मुंतज़िर थीं वो आँखें ही बुझ गई,
अब क्यों सजा रहा है चिरागों से शाम को।
कुछ रोज़ यह भी रंग रहा तेरे इंतज़ार का,
आँख उठ गई जिधर बस उधर देखते रहे।
“एक तरफ है खामोशी, एक तरफ इंतज़ार है।
फिर भी ये मोहब्बत अपने आप में ही कमाल है।
यकीन है कि न आएगा मुझसे मिलने कोई,
तो फिर ये दिल को मेरे इंतज़ार किसका है।
इस शहर-ए-बे-चराग में जाएगी तू कहाँ,
आ ऐ शब-ए-फिराक़ तुझे घर ही लें चलें।
अब इन हदों में लाया है इंतज़ार मुझे,
वो आ भी जायें तो आये न ऐतबार मुझे।
इंतज़ारे-फस्ले-गुल में खो चुके आँखों के नूर,
और बहारे-बाग लेती ही नहीं आने का नाम।
एक मुलाक़ात की आस में मैं ज़िंदगी गुज़ार लूंगा,
तुम हां तो कहो तुम्हारे लिए उम्र भर इंतज़ार करूंगा।
Shayari on Intezaar
मोहब्बत का इम्तिहान आसान नहीं,
प्यार सिर्फ पाने का नाम नहीं,
मुद्दतें बीत जाती है किसी के इंतज़ार में,
यह सिर्फ पल दो पल का काम नहीं।
वैसे एक बात कहूं,
जीने का मजा तो तब आता है,
जब कोई आपके हारने का इंतजार करें।
फरियाद कर रही है यह तरसी हुई निगाह,
देखे हुए किसी को ज़माना गुजर गया।
किन लफ्जों में लिखूँ मैं अपने इंतज़ार को तुम्हें,
बेजुबां है इश्क़ मेरा ढूंढ़ता है खामोशी से तुझे।
पतंग को इश्क हुआ था
खिलाफ-ए-रुख हवा से,
अब अंजाम-ए-इश्क तो
तबाही का होना ही था।
किस्मत के भी रंग हज़ार है,
जो मिल नहीं सकता है,
बस उसीका “इंतज़ार” है।
इस दिल चाहता है उसे बेशुमार प्यार करना,
उसके साथ कुछ प्यार के बाते करना,
नसीब में लिखा है सिर्फ उसकी इंतजार करना।
कभी तो चौंक के देखे कोई हमारी तरफ़,
किसी की आँख में हम को भी इंतिज़ार दिखे।
कौन कमबख्त कहता है वक्त बहुत तेज चल रहा है,
कभी किसी का इंतजार तो करके देखो।
वैसे एक बात कहूं,
जीने का मजा तो तब आता है,
जब कोई आपके हारने का इंतजार करें।
अब जो पत्थर है आदमी था कभी,
इस को कहते हैं इंतिज़ार मियाँ।
झोंका इधर से न आये नसीम-ए-बहार का,
नाज़ुक बहुत है फूल चराग-ए-मज़ार का,
फिर बैठे बैठे वादा-ए-वस्ल उसने कर दिया,
फिर उठ खड़ा हुआ वही रोग इंतज़ार का।
जान देने का कहा मैंने तो हँसकर बोले,
तुम सलामत रहो हर रोज के मरने वाले,
आखिरी वक़्त भी पूरा न किया वादा-ए-वस्ल,
आप आते ही रहे मर गये मरने वाले।
Last Few Words
Intezaar Shayari हर मोहब्बत की पहचान होता है — और जब उसे शब्दों में ढाला जाता है, तो वो बन जाती है Intezaar Shayari। हमें उम्मीद है कि यहां दी गई इंतज़ार शायरी हिंदी में ने आपके दिल की बात कही होगी और आपके जज़्बातों को एक खूबसूरत रूप दिया होगा। अगर आपको ये शायरियाँ पसंद आएँ, तो इन्हें अपने दोस्तों और चाहने वालों के साथ ज़रूर शेयर करें ताकि उनके दिल तक भी ये एहसास पहुँच सके। अधिक जानकारी के लिए theshayarihub पर बने रहें।