40+Best Loving Husband Wife Shayari

Husband Wife Shayari रिश्तों की उस खूबसूरत डोर को शब्दों में पिरोती है, जिसमें प्यार, तकरार, अपनापन और समझदारी सब कुछ शामिल होता है। पति-पत्नी का रिश्ता सिर्फ साथ निभाने का नहीं, बल्कि एक-दूसरे को समझने, सम्मान देने और हर परिस्थिति में साथ खड़े रहने का प्रतीक है।

इन शायरियों में वो मीठी नोक-झोंक भी है जो रिश्ते को ताज़गी देती है, और वो गहरा प्यार भी जो हर दिल को छू जाता है। Husband Wife Shayari के ज़रिए आप अपने जीवनसाथी के लिए अपने जज़्बात को और भी खूबसूरती से बयां कर सकते हैं। क्योंकि असली मोहब्बत वही है जो हर दिन और भी गहरी होती जाती है।

Husband Wife Love Shayari

मेरे हर लफ्ज़ में निराशा है,
क्या करूँ ये ही दिल की भाषा है,
बेवफा होते हैं बोलने वाले,
हमें खामोशी का ही दिलासा है!

बिना दौलत के कोई रिश्ता नहीं,
सरे-बाज़ार में ये खुलासा है,
सारे दुश्मन से हैं एक-दूजे के,
दोस्ती तो बस एक तमाशा है!

तिनको का आशियाँ था, पल में उजड़ गया,
दिल जैसा नशेमन था, टूटकर बिखर गया,
ये फूल सुनाते हैं लोगों के जुल्म को,
जो जिंदगी न दे सके, वह मौत दे गया!

अब जाके कहाँ ढूंढे ऐ पेड़ तेरे छाँव,
तुझे काटकर यह बेरहम मकान बन गया,
हम माँगकर पी लेते थे जिनके यहाँ शराब,
वो मुझसे बिना पूछे मेरा खून पी गया!

जिनको भी गमे-इश्क में मौत मिल गई,
समझो कि उसे मरने से फुरसत मिल गई,
ना रोक तू हमें अब पीने से ऐ वाइज,
कुछ जाम से मेरे रूह को जन्नत मिल गई!

श्मशान मुझे काँधे पे ले जाने के लिए,
रिश्तों को भी किस्मत से मोहलत मिल गई,
दिल को कभी देखा नहीं मुझमें तो किसी ने,
पर मुझको हरेक शख्स से नफरत मिल गई!

इश्क के दर्द से दामन न बचा पाएँगे,
अपनी तन्हाई में जब तुमको जुदा पाएँगे,
इन खयालों से ही दिन-रात हम रोते हैं,
कि तेरे दिल से आँसू को ना मिटा पाएँगे|

हमने पाया है किस्मत को तवायफ की तरह,
हर तमाशे में किसी से ना वफा पाएँगे,
दूर मंजिल है तेरी आँख में काजल सा बना,
जाने कब तुमसे नज़र हम मिला पाएँगे!

रेतों पे हर कदम निशान बन गए,
ये जख़्म तेरे सितम की पहचान बन गए,
आँसू पिलाके रूह को जिंदा तो कर लिया,
अब प्यास है इतनी कि बेजान बन गए!

अब तक तो मुझे तेरा सुराग न मिला,
तुझे खोजने में खुद से ही अंजान बन गए!
लंबी उमर थी लेकिन तेरे ही इश्क में,
दुनिया में दो घड़ी के मेहमान बन गए!

Husband Wife Shayari In Hindi

इतने मसरूफ हैं हम खुद को ही मिटाने में,
उम्र गुजरी है इस दिल को ही जलाने में,
बेबस दर्द के आँसू बह जाए भी तो क्या,
वक्त लगता नहीं छलक के सूख जाने में!

इश्क छाया है जबसे मेरी निगाहों पे,
बस अंधेरा ही नज़र आता है जमाने में,
बरस चुका है सावन, बदल गया मौसम,
फिर भी बादल हैं आकाश के खजाने में!

दिल का हर जख्म मिटाना था, मिटाया न गया,
कोई मरहम जो लगाना था, लगाया न गया,
मेरे माथे पे तेरे नाम की लकीरें न बनीं,
फिर कभी भी कोई नाम लिखाया न गया!

उँगलियाँ काट दूँ अपनी मगर ये हालत है,
तुझे छूने की हसरत को भुलाया न गया,
मेरी कमजोर जुबाँ ने तुमसे कुछ न कहा,
हमसे अपने ही लबों को हिलाया न गया!

जिंदगी तेरी इबादत मैं भला कैसे करूँ,
तुमसे तेरी ही शिकायत मैं भला कैसे करूँ,
दर्द को दिल में समेटा है मरने के लिए,
अब कोई भी चाहत मैं भला कैसे करूँ!

टूट जाएगा ये आईना, छूट जाएगा जिस्म,
इस हकीकत से बगावत मैं भला कैसे करूँ,
जो मुझे ना दिखे पर सीने पे खंजर मारे,
ऐसे दुश्मन से अदावत मैं भला कैसे करूँ!

खामोशियों के रिश्ते निभाना मुझे आता है,
हर दर्द से इस दिल को लगाना मुझे आता है,
जो तुम हँसो हँसता हूँ, अगर रो दो तो रोता हूँ,
जो जैसा है संग उसके जीना मुझे आता है!

बंजर सी जमीं पर ही कबसे जी रहा हूँ मैं,
इस रेत से अपना घर बनाना मुझे आता है,
दुनिया में मुहब्बत का कतरा न मिला हमको,
अब दुख भरे गीतों को गाना मुझे आता है!

ना होठ खुलते हैं, ना जाम मिलते हैं,
इश्क के मयखाने में यही दास्तान मिलते हैं,
उन शाखों पे दिल ने आशियाँ बनाया,
जिनपे तिनकों के न कोई मकाँ मिलते हैं!

मैं चल पड़ा हूँ पगडंडियों पे अकेले,
जहाँ ये जमीं न आसमान मिलते हैं,
इस शहर में दिल का जीना बड़ा मुश्किल,
यहाँ जख्म देनेवाले सरेआम मिलते हैं!

Wife Husband Romantic Shayari

ये समंदर मेरे दिल में उतर आया है,
दर्द इतना तेरी आँखों में नज़र आया है,
बड़ी मुश्किल है ये इश्क छुपाए रखना,
राज़ ऐसा है कि चेहरे पे सँवर आया है!

इतने सदमे सहे हैं तेरी ख्वाहिश में,
मेरी खामोशी के टुकड़ों ने गजल गाया है,
ये आँसू हैं मेरे जिसको रोना नहीं आता,
तेरा हर गम मेरी आँखों में ठहर आया है!

मैं अंधेरे में हूँ लेकिन ये सितारों की चमक है,
गम की तन्हाई में तेरी याद मेरे चारों तरफ है,
नजरअंदाज मैं करता रहा हूँ इस जमाने को,
मेरी आँखों में बसा एक सुनसान फलक है!

तेरे सैलाबे-मुहब्बत का वो दरिया ना रहा,
रेत में ताक रही अब मेरी तस्वीरे-पलक है,
साँस की डोर से बाँधी है ये उम्र तन्हा,
भीड़ की राह पे मेरी साँसों का अंदाज अलग है!

तेरा दर्द काली जुल्फ सा लहराएगा, बल खाएगा,
मेरे सीने को अँधेरे में रेशम सा कुछ सहलाएगा,
किस सादगी से आए हो ऐ चाँद तूम मेरे सामने,
अब आस्मा भी एक हसीन सा आईना कहलाएगा!

जिसे घेर लेंगे गम कई वो हँसेगा क्या, कहेगा क्या,
बस एक उदास सी शक्ल में वो लाश सा बन जाएगा,
कहाँ खोजने जाएँगे हम वो आदमी जिसे इश्क हो,
इस रेत की दुनिया में वो एक बूंद क्या मिल पाएगा!

वो खुद से यूँ खफा हुआ, मेरी जिंदगी से चला गया,
नाकामियों के हर्फ से एक खत मिला लिखा हुआ,
जो बहार से दगा करे वो खिजाँ से क्या वफा करे,
बेदर्द इस तकदीर को मेरे इश्क से भी गिला हुआ!

मेरे ख्वाब पूरे होने से पहले ही वो जगा गया,
दिल तोड़के जो है गया उसे क्या खबर मेरा क्या हुआ,
मैं दर्द की थी चाँदनी, वो उदास सा एक चाँद था,
जब मैं जमीं पे गिरी वो फलक पे था गिरा हुआ!

जला चराग कि कब तक न जाने रात रहे,
रौशनी में कम से कम ये साया साथ रहे,
वजूद रह गया मुझमें जगा हुआ हरदम,
नींद न आई तो बस मौत की फरियाद रहे!

चलेंगे साथ वफा के, तूम चलो ना चलो,
इसी तरह से सलामत मेरे जज़्बात रहे,
किसी के साथ मरासिम, कोई मेरा दुश्मन,
हम किसी भी रिश्ते में न कामयाब रहे!

Husband Wife Sad Shayari

कोई खामोश मुहब्बत से पुकारे दिल को,
अपनी सूरत को ख्वाब में दिखाए दिल को,
वो उदासी का नगमा है, गज़ल के जैसी,
इश्क के साज़ पे ये दर्द सुनाए दिल को!

उसकी यादों से ख़यालें भी जवाँ होते हैं,
इस जवानी का अहसास दिलाए दिल को,
कब मिलेगी वो दुनिया में, किन गलियों में,
कोई एक राह कभी वो बताए दिल को!

जाते-जाते वो मेरे खूँ में जहर भर गया,
उसकी याद में जीके मैं आठों पहर मर गया,
आशना के चार दिन ऐसे तज़रबे दे गए,
खिलके गुलाब की तरह मुरझाकर गिर गया!

उनकी तरफ बढ़ाया था बेखुदी में दो कदम,
होश आया तो लगा कि खुद से दगा कर गया,
किस दिल में मिलता है इस जहान में वफा,
इसकी तलाश में भला क्यूँ किसी के घर गया!

तू याद आए अगर तो किसे सुकून मिले,
अगर रूलाता हो दिल तो किसे सुकून मिले,
मुझे यकीन है कि मैं कभी न बोलूँगा,
जुबाँ पे बात हो अटकी तो किसे सुकून मिले!

तुम ऐतराज करोगे यही डर है मुझको,
ये डर एक रोग बन जाए तो किसे सुकून मिले,
दिल शायर की तरह है, इश्क है दर्द जैसा,
फिर जवानी जो सताए तो किसे सुकून मिले!

इश्क में इस जिंदगी को जीना मुझे पड़ा,
लेकिन किसी की याद में मरना मुझे पड़ा,
कैसा मुकाम था जिसे छोड़ गए वो तन्हा,
अक्सर उसी जगह पे रोज रोना मुझे पड़ा!

चलिए अब तो मान लें, आप हैं दुश्मन मेरे,
अफसोस है कि यार को ये कहना मुझे पड़ा,
अब ये गुमाँ न रहा कि आईना है दिल मेरा,
टूटकर पत्थर पे ही जब गिरना मुझे पड़ा!

खैर अच्छा ही हुआ कि ये मुमकिन न हुआ,
मेरे इस रूह का कोई भी पैरहन न हुआ,
पल गुजारे थे जो तन्हाई में रोते-रोते,
इस तरीके से भी मेरा गम कुछ कम न हुआ!

उड़ रहा था मेरा दिल भी परिंदों की तरह,
तीर जब लग गई तो कोई भी मरहम न हुआ,
देख लेना था मुझे भी हर सितम की अदा,
ऐ सनम तेरे जैसा मेरा कोई दुश्मन न हुआ!

Last Few Words

पति-पत्नी का रिश्ता भरोसे, प्यार और समझदारी की नींव पर टिका होता है। Husband Wife Shayari इन भावनाओं को शब्दों का रूप देती है, जो दिल को छू जाती है। Husband Wife Shayari न केवल मोहब्बत जताने का तरीका है, बल्कि एक-दूसरे के प्रति आभार और अपनापन व्यक्त करने का सुंदर माध्यम भी है। ज़िंदगी के हर मोड़ पर अगर साथ में प्यार, सम्मान और मुस्कान हो, तो हर रिश्ता और भी खास बन जाता है। इस पति पत्नी के अनोखे और प्यार भरे रिश्ते को इन Husband Wife Shayari ने बेहद खूबसूरत से बताया। हम आशा करते हैं कि आपको ये शायरी जरूर पसंद आएगी। ऐसी और बहुत सारी शायरियां पढ़ने के लिए विजिट करें theshayarihub.

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